नई दिल्ली।
देश में मोटापा तेजी से बढ़ता जा रहा है और यह अब एक गंभीर सार्वजनिक स्वास्थ्य संकट का रूप ले चुका है। Economic Survey of India 2026, जिसे 29 जनवरी को Parliament of India में पेश किया गया, में खराब खानपान और निष्क्रिय जीवनशैली को मोटापे की मुख्य वजह बताया गया है।
लोकल सर्किल्स सर्वे के चौंकाने वाले आंकड़े
लोकल सर्किल्स के ताजा सर्वे के अनुसार, 4 में से 3 भारतीय (लगभग 76%) के करीबी सर्कल में कोई न कोई व्यक्ति मोटापे से पीड़ित है।
वहीं 64% लोगों ने बताया कि मोटापे से ग्रस्त लोग प्रायः बैठकर काम करने वाले होते हैं, नियमित व्यायाम नहीं करते और तैलीय या प्रोसेस्ड भोजन का अधिक सेवन करते हैं।
नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे के आंकड़े
National Family Health Survey (2019–21) के अनुसार—
- 24% महिलाएं
- 23% पुरुष
देश में मोटापे की समस्या से जूझ रहे हैं।
बच्चों में भी बढ़ रहा मोटापा
चिंता का विषय यह है कि बच्चों में भी मोटापा लगातार बढ़ रहा है।
- 5 साल से कम उम्र के बच्चों में मोटापा
- 2015–16 में 2.1%
- 2019–21 में बढ़कर 3.4% हो गया
Indian Council of Medical Research (ICMR) के अनुसार, देश में लगभग 1.44 करोड़ बच्चे मोटापे से पीड़ित हैं।
योग और सक्रिय जीवनशैली की जरूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि मोटापे से निपटने के लिए नियमित योग, व्यायाम और संतुलित आहार को जीवनशैली का हिस्सा बनाना बेहद जरूरी है। समय रहते इस पर ध्यान नहीं दिया गया तो आने वाले वर्षों में यह समस्या और भयावह रूप ले सकती है।



