जयपुर, 3 नवंबर 2026 | शिक्षा समाचार
स्कूली शिक्षा में AI का नया अध्याय: कक्षा 3 से 8 तक कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की पढ़ाई शुरू
नई शिक्षा नीति 2020 के तहत CBSE की पहल, बच्चों को शुरुआती कक्षाओं से ही डिजिटल तकनीक, तार्किक चिंतन और AI के लिए तैयार करने पर जोर
नई दिल्ली। स्कूली शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और आधुनिक तकनीक के बढ़ते महत्व को देखते हुए केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा 3 से 8 तक कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का नया पाठ्यक्रम लागू किया है। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में तार्किक चिंतन, समस्या समाधान, रचनात्मकता और डिजिटल साक्षरता जैसे कौशल विकसित करना है।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) और राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCFSE 2023) के अनुरूप शुरू किए गए इस पाठ्यक्रम के माध्यम से बच्चों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और AI आधारित शिक्षा के लिए तैयार किया जाएगा।
कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए भी विशेष मॉड्यूल
राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) ने कक्षा 9 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AI का 20 घंटे का विशेष गतिविधि-आधारित मॉड्यूल तैयार किया है।
इस मॉड्यूल का उद्देश्य विद्यार्थियों को AI की बुनियादी समझ प्रदान करना, तकनीक के उपयोग के प्रति जागरूक बनाना तथा जिम्मेदार और नैतिक डिजिटल व्यवहार को प्रोत्साहित करना है।
CBSE के अनुसार, कक्षा 9 के विद्यार्थियों के लिए नया CT और AI पाठ्यक्रम अनिवार्य किया गया है। वहीं, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 10 के विद्यार्थी पूर्ववर्ती व्यवस्था के अनुसार अपनी पढ़ाई जारी रखेंगे।
अलग से नहीं होगी बोर्ड परीक्षा
कक्षा 9 से 12 के लिए तैयार CT और AI मॉड्यूल का मूल्यांकन विद्यालय स्तर पर आंतरिक आकलन के माध्यम से किया जाएगा। इसके लिए अलग से बोर्ड परीक्षा आयोजित नहीं की जाएगी।
इस व्यवस्था में विद्यार्थियों की विषयगत समझ, गतिविधियों में भागीदारी, तार्किक क्षमता और व्यावहारिक ज्ञान को महत्व दिया जाएगा।
विद्यार्थियों को बनानी होगी ‘क्यूरियस नोटबुक’
AI की व्यावहारिक समझ विकसित करने के लिए विद्यार्थियों को अपनी गतिविधियों, अनुभवों, प्रश्नों और सीखने की प्रक्रिया को रिकॉर्ड करने हेतु एक विशेष ‘क्यूरियस नोटबुक’ तैयार करनी होगी।
इस नोटबुक के माध्यम से विद्यार्थी अपनी जिज्ञासाओं, विचारों और समस्या समाधान के तरीकों को व्यवस्थित रूप से दर्ज कर सकेंगे।
विशेष बात यह है कि जिन विद्यालयों में कंप्यूटर या इंटरनेट की पर्याप्त सुविधा उपलब्ध नहीं है, वहां शिक्षक पेपर आधारित गतिविधियों, पहेलियों और समूह चर्चा के माध्यम से भी इस पाठ्यक्रम को पढ़ा सकेंगे। इसे ‘अनप्लग्ड लर्निंग’ कहा जाता है।
कक्षा 3 से 5 तक साल में लगभग 50 घंटे की पढ़ाई
CBSE के नए पाठ्यक्रम के अनुसार, कक्षा 3 से 5 तक कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AI को अलग विषय के रूप में पढ़ाने के बजाय गणित तथा ‘द वर्ल्ड अराउंड अस’ (TWAU) जैसे विषयों के साथ एकीकृत किया जाएगा।
इसके लिए साल में लगभग 50 घंटे निर्धारित किए गए हैं। विद्यार्थियों को खेल, पहेलियों, गतिविधियों और रोचक अभ्यासों के माध्यम से विभिन्न अवधारणाएं समझाई जाएंगी।
इस शिक्षण पद्धति का उद्देश्य बच्चों में शुरुआती स्तर से ही पैटर्न पहचानने, तार्किक निर्णय लेने और समस्याओं को छोटे-छोटे चरणों में हल करने की क्षमता विकसित करना है।
IIT मद्रास और IIT जोधपुर के विशेषज्ञों का योगदान
कक्षा 9 से 12 के लिए तैयार विशेष मॉड्यूल को NCERT, IIT मद्रास और IIT जोधपुर के विशेषज्ञों के सहयोग से विकसित किया गया है।
इसमें विद्यार्थियों को AI के विभिन्न पहलुओं, डेटा आधारित निर्णय प्रक्रिया, डिजिटल तकनीक के उपयोग और AI से जुड़े नैतिक प्रश्नों की प्रारंभिक जानकारी प्रदान करने पर जोर दिया गया है।
भविष्य के डिजिटल करियर की तैयारी
शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, स्कूली स्तर पर कम्प्यूटेशनल थिंकिंग और AI की शुरुआत विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है।
इस पहल से बच्चों में कोडिंग, डेटा साइंस, मशीन लर्निंग, डिजिटल तकनीक और AI से संबंधित क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए आवश्यक बुनियादी कौशल विकसित करने में सहायता मिलेगी।
CBSE की यह पहल शिक्षा को केवल पाठ्यपुस्तकों और रटने तक सीमित न रखकर अनुभवात्मक, गतिविधि-आधारित और कौशल-केंद्रित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण बदलाव मानी जा रही है।
महत्वपूर्ण लिंक
📘 CBSE कक्षा 3 से 8 तक CT एवं AI पाठ्यक्रम और संसाधन पुस्तकें:
https://cbseacademic.nic.in/ct-ai.html
📄 CBSE आधिकारिक पाठ्यक्रम संबंधी अधिसूचना:
https://cbseacademic.nic.in/web_material/Circulars/2026/15_Circular_2026.pdf
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