Yoga News 24 | इंटरनेशनल डेस्क
संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) की आपात बैठक में अमेरिका ने ईरान को कड़ा संदेश देते हुए कहा है कि ईरान में विरोध प्रदर्शनों पर हो रही दमनकारी कार्रवाई रोकने के लिए “सभी विकल्प खुले हैं।”
अमेरिकी राजदूत माइक वाल्ट्ज ने गुरुवार को कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान में प्रदर्शनकारियों पर जारी “क्रूर कार्रवाई” को रोकने के लिए अमेरिका किसी भी कदम से पीछे नहीं हटेगा। वाल्ट्ज ने ईरान के लोगों की हिम्मत की सराहना करते हुए कहा कि ईरान के लोगों ने आज़ादी की मांग अब तक सबसे जोरदार तरीके से उठाई है।
“ट्रम्प एक्शन लेने वाले नेता हैं”
अमेरिकी राजदूत ने चेतावनी देते हुए कहा—
“ट्रम्प एक्शन लेने वाले इंसान हैं, लंबी-लंबी बातें करने वाले नहीं।”
उन्होंने ईरान के नेतृत्व को आगाह किया कि अमेरिका “नरसंहार रोकने” के लिए कोई भी कदम उठा सकता है।
अमेरिका ने ईरान सरकार की कार्रवाई पर उठाए सवाल
बैठक में अमेरिका ने ईरान के इंटरनेट ब्लैकआउट पर भी चिंता जताई और कहा कि इसके कारण यह पता लगाना मुश्किल हो रहा है कि सुरक्षा बलों ने प्रदर्शनकारियों पर कितनी सख्ती की है।
अमेरिका ने ईरान के उस दावे पर भी सवाल उठाए जिसमें कहा गया है कि प्रदर्शनों के पीछे विदेशी ताकतें हैं।
व्हाइट हाउस का दावा: “800 फांसी की योजना रुकी”
व्हाइट हाउस की ओर से कहा गया कि राष्ट्रपति ट्रम्प के दबाव के बाद ईरान ने 800 लोगों की फांसी देने की योजना रोक दी है। ट्रम्प ने भी कहा कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ हत्याएं अब कम हो रही हैं।
ईरान का पलटवार: “टकराव नहीं चाहते, लेकिन हमला हुआ तो जवाब देंगे”
सुरक्षा परिषद की बैठक में ईरान के उप-राजदूत गुलाम हुसैन दर्जी ने अमेरिकी आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि ईरान टकराव नहीं चाहता, लेकिन यदि अमेरिका ने कोई आक्रामक कदम उठाया तो ईरान निर्णायक और कानूनी जवाब देगा।
उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका मानवाधिकारों की आड़ में “शासन बदलने” की तैयारी कर रहा है।
रूस ने अमेरिका पर लगाए हस्तक्षेप के आरोप
रूस ने भी अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि यह बैठक ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देने और आक्रामकता को सही ठहराने के लिए इस्तेमाल की जा रही है। रूसी राजदूत ने चेतावनी दी कि सैन्य कार्रवाई से पूरा इलाका अस्थिर हो सकता है।
अमेरिका ने ईरानी नेतृत्व पर नए प्रतिबंध लगाए
बैठक के साथ ही अमेरिका ने ईरान के शीर्ष नेतृत्व पर नए प्रतिबंधों का ऐलान किया। ट्रम्प प्रशासन ने 18 ईरानी व्यक्तियों और संस्थाओं को प्रतिबंध सूची में शामिल किया है।
ईरान में लंबा डिजिटल ब्लैकआउट जारी
साइबर निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स के अनुसार, ईरान में 8 जनवरी से इंटरनेट लगभग पूरी तरह बंद है। इससे देश की कनेक्टिविटी सामान्य स्तर से घटकर बेहद कम रह गई है और करोड़ों लोग दुनिया से लगभग कट गए हैं।




