योग एजुकेशन: अब सर्टिफिकेट से लेकर PhD तक पढ़ाई, करियर और स्कोप में तेजी से बढ़ रहा योग का भविष्य

योग एजुकेशन अब सर्टिफिकेट से लेकर PhD तक पढ़ाई, करियर और स्कोप में तेजी से बढ़ रहा योग का भविष्य

Yoga News 24 | स्पेशल रिपोर्ट

भारत में योग अब सिर्फ एक अभ्यास या लाइफस्टाइल नहीं रहा, बल्कि यह एक मजबूत करियर और प्रोफेशनल एजुकेशन सेक्टर बन चुका है। आज योग में सर्टिफिकेट कोर्स से लेकर डिप्लोमा, ग्रेजुएशन, पोस्ट ग्रेजुएशन और PhD तक की पढ़ाई उपलब्ध है। योग को राष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलने के साथ-साथ अब इसके जरिए सरकारी और प्राइवेट दोनों सेक्टर में करियर के बड़े अवसर बन रहे हैं।

विशेषज्ञों के अनुसार, बढ़ती तनावभरी जीवनशैली, लाइफस्टाइल डिसीज, फिटनेस जागरूकता और अंतरराष्ट्रीय मांग के कारण योग शिक्षकों, योग थैरेपिस्ट और रिसर्च स्कॉलर्स की जरूरत लगातार बढ़ रही है।


योग की पढ़ाई: Certificate से लेकर PhD तक पूरा रास्ता

आज देश के कई विश्वविद्यालयों, आयुष संस्थानों और योग कॉलेजों में योग से जुड़ी पढ़ाई इन स्तरों पर उपलब्ध है:

✅ 1) योग सर्टिफिकेट कोर्स (Certificate Course in Yoga)

यह कोर्स शुरुआती छात्रों के लिए होता है, जो योग को प्रोफेशन के रूप में शुरू करना चाहते हैं।

  • अवधि: 1 से 3 महीने / 6 महीने
  • योगासन, प्राणायाम, ध्यान, बेसिक एनाटॉमी
  • शुरुआती ट्रेनर बनने का अवसर

✅ 2) योग डिप्लोमा (Diploma in Yoga / Yoga Instructor Course)

यह कोर्स योग को करियर बनाने के लिए मजबूत आधार तैयार करता है।

  • अवधि: 6 महीने से 1 वर्ष
  • एडवांस योगासन, क्लास मैनेजमेंट, प्रैक्टिकल ट्रेनिंग
  • स्कूल/जिम/योग स्टूडियो में नौकरी के अवसर

✅ 3) Graduation (BA/BSc in Yoga / Yoga Science)

जो विद्यार्थी योग को प्रोफेशनल लेवल पर पढ़ना चाहते हैं, उनके लिए ग्रेजुएशन कोर्स उपलब्ध हैं।

  • अवधि: 3 वर्ष
  • योग दर्शन, योग साइंस, ह्यूमन फिजियोलॉजी, रिसर्च मेथड
  • प्रोफेशनल योग टीचर, असिस्टेंट प्रोफेसर जैसी संभावनाएं

✅ 4) Post Graduation (MA/MSc in Yoga / Yoga Therapy)

PG के बाद योग में स्पेशलाइजेशन का रास्ता खुल जाता है।

  • अवधि: 2 वर्ष
  • योग थैरेपी, क्लिनिकल योग, मानसिक स्वास्थ्य, प्रैक्टिकल इंटर्नशिप
  • हॉस्पिटल, वेलनेस सेंटर, रिसर्च सेक्टर में अवसर

✅ 5) PhD in Yoga

योग में रिसर्च करने वाले विद्यार्थियों के लिए PhD सबसे उच्च स्तर की पढ़ाई है।

  • योग थैरेपी पर रिसर्च
  • लाइफस्टाइल डिजीज में योग का प्रभाव
  • योग और मानसिक स्वास्थ्य
  • योग और आयुर्वेद/नेचुरोपैथी से जुड़ी स्टडी

PhD के बाद प्रोफेसर, रिसर्चर, गाइड, पब्लिक हेल्थ एक्सपर्ट जैसे उच्च पदों के अवसर बनते हैं।


करियर और स्कोप: योग में बढ़ते मौके

योग एजुकेशन के बाद करियर के कई विकल्प खुलते हैं:

✅ 1) योग इंस्ट्रक्टर / योग टीचर

  • स्कूल, कॉलेज, योग स्टूडियो, फिटनेस सेंटर
  • ऑनलाइन योग क्लासेस
  • कॉर्पोरेट योग ट्रेनिंग

✅ 2) योग थैरेपिस्ट (Yoga Therapist)

  • हॉस्पिटल, आयुष्मान आरोग्य केंद्र
  • डायबिटीज, बीपी, मोटापा, थायरॉइड जैसी समस्याओं में योग
  • महिला स्वास्थ्य और स्ट्रेस मैनेजमेंट में विशेष अवसर

✅ 3) रिसर्च और अकादमिक करियर

  • असिस्टेंट प्रोफेसर / लेक्चरर
  • रिसर्च प्रोजेक्ट्स, डॉक्यूमेंटेशन
  • PhD के बाद उच्च शिक्षा में बड़ा स्कोप

✅ 4) वेलनेस और इंटरनेशनल करियर

  • विदेशों में योग प्रशिक्षकों की बढ़ती मांग
  • रिट्रीट, रिसॉर्ट योग, क्रूज योग ट्रेनिंग
  • योगा टूरिज्म और वेलनेस इंडस्ट्री में अवसर

✅ 5) योग उद्यमिता (Yoga Entrepreneurship)

आज योग में स्वरोजगार के मौके भी तेजी से बढ़ रहे हैं:

  • खुद का योग स्टूडियो / योग क्लिनिक
  • ऑनलाइन योग ऐप/कोर्स
  • योग इवेंट्स और वर्कशॉप
  • योग रिकॉर्ड, प्रतियोगिता और योग फेस्टिवल आयोजन

योग एजुकेशन क्यों बन रही है युवाओं की पहली पसंद?

विशेषज्ञ मानते हैं कि योग एजुकेशन तेजी से इसलिए बढ़ रही है क्योंकि:

  • स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ी है
  • सरकारी और निजी सेक्टर में मांग बढ़ी है
  • कम लागत में करियर शुरू हो सकता है
  • योग में सम्मान और स्थिरता दोनों है
  • रिसर्च और उच्च शिक्षा के अवसर उपलब्ध हैं

Yoga News 24 की अपील

योग सिर्फ शरीर की मजबूती नहीं, बल्कि ज्ञान, अनुशासन और करियर का भी माध्यम बन चुका है। यदि युवा सही प्रशिक्षण, प्रमाणित संस्थान और निरंतर अभ्यास के साथ आगे बढ़ें, तो योग के क्षेत्र में रोजगार और पहचान दोनों हासिल की जा सकती हैं।

https://yogabookofrecord.com/yoga-certification-courses

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