पटना के गांधी मैदान में चल रहे पुस्तक मेले में एक किताब इन दिनों सबसे ज्यादा चर्चा में है। इस किताब का नाम मैं है, जिसे लेखक रत्नेश्वर ने लिखा है। खास बात यह है कि इस किताब की कीमत 15 करोड़ रुपये रखी गई है, जिसके चलते यह पटना पुस्तक मेले का सबसे बड़ा आकर्षण बन गई है।

ब्रह्मलोक यात्रा से मिला ज्ञान, 3 घंटे 24 मिनट में लिखी किताब
लेखक रत्नेश्वर का दावा है कि यह किताब उन्हें ब्रह्ममुहूर्त में ब्रह्मलोक की यात्रा के दौरान प्राप्त हुए ज्ञान का सार है। उनका कहना है कि उन्होंने इस पूरी पुस्तक को मात्र 3 घंटे 24 मिनट में लिखा। किताब में जीवन दर्शन, चेतना और ज्ञान की परम अवस्था का विस्तृत वर्णन किया गया है।
हिंदी और अंग्रेजी में 408 पन्नों की पुस्तक
किताब “मैं” की प्रमुख विशेषताएं इस प्रकार हैं—
किताब के बारे में मुख्य बातें
- नाम: मैं (Main)
- लेखक: रत्नेश्वर
- कीमत: 15 करोड़ रुपये
- भाषा: हिंदी और अंग्रेजी
- कुल पन्ने: 408
- अध्याय: 43
लेखक का कहना है कि यह किताब उनकी बौद्धिक संपदा (Intellectual Property) है और इसी आधार पर उन्होंने इसकी कीमत इतनी अधिक रखी है।
पब्लिसिटी स्टंट या आध्यात्मिक कृति?
जहां एक ओर कुछ लोग इसे आध्यात्मिक और दार्शनिक दृष्टि से अद्वितीय कृति बता रहे हैं, वहीं कई लोग इसे केवल पब्लिसिटी स्टंट भी मान रहे हैं। हालांकि, इसकी ऊंची कीमत और रहस्यमयी दावों ने मेले में आने वाले हर व्यक्ति की जिज्ञासा जरूर बढ़ा दी है।
दुनिया की सबसे महंगी किताब का रिकॉर्ड
दुनिया की सबसे महंगी किताब का रिकॉर्ड फिलहाल द कोडेक्स ऑफ लीसेस्टर के नाम है, जिसे महान कलाकार लियोनार्डो दा विंची ने लिखा था। इसे माइक्रोसॉफ्ट के संस्थापक बिल गेट्स ने करीब 30.8 मिलियन डॉलर में खरीदा था, जो भारतीय मुद्रा में सैकड़ों करोड़ रुपये के बराबर है।
साहित्यिक दुनिया में नई बहस
15 करोड़ की कीमत वाली किताब “मैं” ने एक नई बहस को जन्म दे दिया है—
क्या किसी किताब की कीमत उसके विचारों से तय होनी चाहिए या बाजार मूल्य से?
पटना पुस्तक मेले में यह किताब फिलहाल साहित्य, आध्यात्म और सोशल मीडिया—तीनों जगह चर्चा का विषय बनी हुई है।
— ट्रेंडिंग / साहित्य डेस्क | Yoga News 24
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